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7 Day Startup !! मात्र सात दिनों में अपना खुद का बिज़नस कैसे शुरू करें ?

आइये जानते है कि कैसे मात्र सात दिनों में आप अपना खुद का बिज़नस शुरू कर सकते हो।

आज कि पोस्ट आधारित है, “7 Day Startup” नाम कि किताब से, आप इस किताब के सारांश कि वीडियो देखें एवं मात्र 11 मिनट में आपको काफी कुछ पता चल जाएगा।

इन जानकारियों को अछे से पढ़ने एवं अपने जीवन में अमल करने के लिए इस किताब को amazon से खरीद सकते हो।

धन्यवाद !!

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डिप्रेशन या अवसाद, आओ बात करें, क्या है, पहचान के लक्षण, कारण एवं उपचार। #Depression, #symptoms

World Health Organization ( विश्व आरोग्य संगठन, WHO ) की Scientific committee द्वारा दी गई  स्वास्थ्य की परिभाषा के अनुसार:  

“स्वास्थ्य वह अवस्था है,  जिसमे व्यक्ति अपने आपको शारीरिक, मानसिक, सामाजिक ओर आध्यात्मिक रूप से सुखी महसूस करता है । इस तरह न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वस्थता भी स्वास्थ्य के बहुत उपयोगी है।“

डिप्रेशन पे हमारी शार्ट वीडियो के माध्यम से इसके पहचान की सम्पूर्ण जानकारी पाएँ।।

शारीरिक विकलांग व्यक्ति को समाज मे सहानुभूति आसानी से प्राप्त हो जाती है परंतु यदि किसी व्यक्ति को मानसिंक स्वास्थ्य से संबन्धित कोई बीमारी सामने आती है तो उसे समाज स्वीकार करने मै तुरंत आगे नहीं आता। डिप्रेशन (अवसाद ) भी मानसिक बीमारियों मै से एक है जो मानसिक कमजोरी , सुस्ती ,व्यक्तिगत असफलता या इच्छा शक्ति की कमी का परिणाम नहीं है।

            डिप्रेशन देवी –देवताओ के प्रकोप , भूत –प्रेत ,जादू –टोना आदि के परिणाम स्वरूप नहीं होता। अन्य शारीरिक बीमारियों की तरह ही डिप्रेशन के भी मानसिक एवं शारीरिक लक्षण पाये जा सकते है। डिप्रेशन का प्रभावी इलाज अवश्य हो सकता है ओर सुखद जीवन जी सकते है ।

डिप्रेशन  (अवसाद ) किसे कहते है ?

सामान्य तौर पर डिप्रेशन (अवसाद ) को निम्न संदर्भ मै प्रयोग किया जाता है :

  • लंबे समये तक लगातार और नकारात्मक सोच या दु :खी  मनोदशा ,जो किसी के भी जीवन को कई तरह से प्रभावित करती है या
  • जिन गतिविधियों मे व्यक्ति रुचि और खुशी पाता था उनमें दिलचस्पी न रहना ।

प्रत्येक व्यक्ति समय –समय पर डिप्रेशन और उदासी का अनुभव करता है। कई लोग एक बार या ज्यादा लेकिन अपने आपमे छोटी और सीमित अवधि के लिए डिप्रेशन का अनुभव तो करते ही है । जब इस तरह की संवेदनशीलता या भावुकता अधिक समय तक रहती है ,व्यापक होती है और बार –बार सामने आती है तब व्यक्ति  डिप्रेशन से प्रभावित हो सकता है ।

डिप्रेशन मानसिक कमजोरी या चारित्रिक दोष की निशानी नहीं है। डिप्रेशन सुस्ती ,कमजोरी व्यक्तिगत असफलता या इच्छा शक्ति की कमी का परिणाम नहीं है। हालांकि डिप्रेशन शब्द के कई अर्थ होते है, मनोचिकित्सा के संदर्भ मै रोगी द्वारा उनकी भावात्मक पीड़ा की अनुभूति का वर्णन किया जाता है और इस अर्थ मै यह एक लक्षण – समूह है ।

depression-ntडिप्रेशन के मुख्य लक्षण क्या हैं ?    

डिप्रेशन आम तौर पर पाई जानी वाली चिकित्सीय बीमारी (medical illness) है जो बहुत ही विशिष्ट लक्षण रखती हैं । डिप्रेशन मै कुछ निम्न लक्षण होते हैं । प्रत्येक व्यक्ति मै एक जैसे ही लक्षण नहीं होते है । डिप्रेशन के लक्षण किसी भी अन्य बीमारियों की तरह व्यक्तिगत रूपसे भिन्न हो सकते हैं ।

1 . मानसिक लक्षण :

  भावनात्मक और व्यावहारिक लक्षण:

  • लगातार उदासी या खालीपन (दो सप्ताह से अधिक के लिए ) । यह एक मुख्य प्रकट और विशिष्ट लक्षण हैं ।
  • असंगत ग्लानि महसूस करना ।
  • मिजाज का आगा –पीछा होना ।
  • आसान बात भी भूल जाना ।
  • कमजोर एकाग्रता , अन्यमनस्कता , अनिश्चितता ।
  • उन गतिविधियों मैं रुचि न लेना जिनमे पहले थी ।
  • अकेलापन महसूस करना, भावशून्यता, अन्य व्यक्तियों और नई परिस्थितियों से अपने आप अलग करना ।
  • चिंता, घबराहट, तुच्छ बातों पर चिड़चिड़ाना ।
  • अपने लक्ष्यों के प्रति निरुत्साहित होना ।
  • स्वयं के शरीरिक बाह्य दिखाव मे रुचि खो देना ।
  • नशे या शराब की ओर झुकाव ।

  विचार /अनुभूति जो स्वयं की असफलता के लिए हो सकते हैं :

  • असफलता संबंधी विचार ।
  • आत्माभिमान की कमी । लगातार अपने आपको कोसना ।
  • शीघ्र निराश होना।
  • असहयोग ,निराशा और निकम्मापन के विचार ।
  • दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओ के लिए स्वयं को जिम्मेदार ठहरना ।
  • भविष्य के लिए नकारात्मक और निराशावादी अपनाना ।
  • यदि डिप्रेशन बहुत तीव्र है तो इसके साथ मतिविभ्र्म और मिथ्याविचार भी जुड़े होते है । सामान्यत: ये डिप्रेश्ड (अवसादित) मनोदशा के साथ होते हैं और अपराध ,व्यक्तिगत अपर्यापता या रोग के विचारों पर केन्द्रित हो सकते हैं ।

2. शारीरिक लक्षण :-

  • सामान्य नींद की प्रक्रिया मे विघ्न पैदा होना (अधिकतर नींद का न आना, नींद का बार बार खुल जाना या प्रात: नींद उठ जाना और सामान्य नींद से अधिक सोना ) ।
  • मंदगति होना – जैसे बोलने ,घूमने आदि मे मंद होना। परिवार के सदस्य या घनिष्ठ मित्र इस परिवर्तन को पहचानते हैं। हालांकि दूसरी ओर कुछ लोगों मे विपरीत लक्षण दिखाई देते हैं जैसे बैचेनी और अशांति ।
  • भूख मे कमी और लगातार वजन कम होना या अधिक भोजन करना (चैन पाने के लिए भोजन ) परिणाम स्वरूप वजन का बढ़ना ।
  • थकावट महसूस करना या शीघ्र थकान आना ।
  • अजीर्ण (अपच) ,मुंह का सुखना ,मतली आना ,कब्ज और अतिसार ।
  • मासिक धर्मचक्र मे अनियमितता ।
  • यौवन क्रियाओं में कम भाग लेना ।
  • लगातार सरदर्द , पेटदर्द, कमरदर्द , छाती-दर्द , पैरो और जोड़ो मे दर्द , भारीपन और पैरो मे पसीना आना ,श्वास लेने मैं कठिनाई आदि ।

डिप्रेशन के ये लक्षण कम से कम दो सप्ताह की अवधि के होने चाहिए और व्यक्ति को तकलीफ देह या सामाजिक जीवन या दैनिक कामकाज मे परेशानी करने वाले होने चाहिए । जिसके आधार पर डॉक्टर के द्वारा इस बीमारी का मुख्य निदान किया जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए आप ऊपर दी गयी Video देख सकते हो जिसमें हमने डिप्रेशन के लक्षणों की पहचान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।

संदेश :-

            Article पढ़ने के लिए आप सभी का बहुत – बहुत आभार। इस जानकारी को खुद समझें एवं इसे share कर औरों को बताएं या समझाएँ।

dep

Thank You !!

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ध्यान या मेडिटेशन को जानें।। बौद्ध या स्वामी विवेकानन्द की तरह।।

स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि “किसी बात से डरो मत। तुम अद्भुत कार्य करोगे। जिस क्षण तुम डर जाओगे, उसी क्षण तुम बिल्‍कुल शक्‍तिहीन हो जाओगे”। “कभी मत सोचिए कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है, ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है। अगर कोई पाप है, तो वो यह कहना है कि तुम निर्बल हो या अन्य निर्बल हैं”।

जिंदगी की परेशानियों से नहीं डरना, हमेशा सबल रहना ही आसान भाषा में उत्तम मानसिक स्वास्थ्य है।

🙏अब बात इस पोस्ट की !!🙏 मेरे देश के युवाओ !! आप ही इस देश का कल हो, इस देश का भाग्य हो, यकीनन सौभाग्य हो।

आप विवेकानन्द या बौद्ध की फ़ोटो देखते होंगे, तो आपको इनमें ज्यादातर ध्यान या Meditation का Posture दिखता होगा। जैसे ऊपर दी गयी फोटो में है, साथियों ये क्या है ?? थोड़ा explain करता हूँ।
ये ध्यान या Meditation की State है जिसे State of Mindfulness भी कहा जाता है।
ध्यान आपके Mind को निर्मल करता है, पॉजिटिव emotions लाता है, आपकी efficiency बढ़ाता है, विचारों में पॉजिटिविटी के साथ ज्यादा clearity लाता है, आपके लक्ष्यों को हासिल करने का धैर्य आने लगता है, दुनिया को देखने का नजरिया बदलने लगता है, आप सत्य के ज्यादा पास पहुंचने लगते हो, यानि आप उन विचारधारोंओं को छोडने लग जाते हो जो वास्तव में अपनी जिंदगी में महत्व नहीं रखती

अतः इसके लिए The Yough Needs The Real Truth !! कहना ज्यादा सही होगा।।
Social media के दौर में सच्चाई तक पहुँचने का कष्ट करें, आपके मोबाइल, TV, यूट्यूब पे आने वाली हर एक सूचना को सही मानने से पहले अपनी तार्किक शक्ति का इस्तेमाल करें।।

धैर्य की बात करें, तो युवाओं के लिए ये बहुत जरूरी है, आपकी यही वो उम्र है जिसमें आप वो सभी स्किल सीख सकते हो जो आपके एवं आपके परिवार के ज़िंदगी भर काम आएगी, स्किल सीखने में सबसे बड़ा योगदान आपका ध्यान है, आज social media आपके ध्यान यानि फोकस का सबसे बड़ा शत्रु है। इसी लिए अगर आप मेडिटेशन करते हो तो आप अपने माइंड को कंट्रोल करोगे ना कि आपके social मीडिया कि नोटिफ़िकेशन। तभी विवेकानंद जी की इस बात पे आप चल पाओगे कि “उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाए”।

तो आइए इस विडियो से जानते है, मेडिटेशन के फायदे , इसका बेसिक सिद्धांत एवं इसको करने की आसान विधि ।।

बोधिज़्म में ध्यान की विप्श्यना विधि के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य को उतम करके, तार्किक सोच को बढ़ावा दिया जाता है, जो उस इंसान एवं उसके परिवार को अंधविश्वास के चक्करों से दूर कर, प्रगति के मार्ग में तीव्र गति से चलने को मजबूर कर देती है। आप ध्यान की विप्श्यना विधि के बारे में यहाँ क्लिक कर जान सकते हो। ये इतनी प्र्भावी है कि विप्श्यना करवाने वाले सेंटर किसी से फीस नहीं लेते, इससे होने वाले फ़ायदों को देखकर लोग उन्हे खुल के donate करते है।

खैर मुद्दे पे आयें तो ये मेरी पोस्ट यूथ के नाम है, आप स्वतंत्र भारत के नागरिक हो, अपने Mind को भी आजाद करो, सिर्फ आपका Mind (Power of Your Mind) ही है जो आपके लिए असीमित सम्भावनाये, अवसर की खोज कर सकता है।। इसका ध्यान रखिये।।
Be Mindful….. Be Meditate. जय भारत, जय संविधान।।

#Mindbook.😊 THANK-YOU !!

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Brief Introduction of Specific Learning Disability by Videos & ppt.

There are few YouTube videos collection for better explanation of Specific learning Disability among children.
ये उन बच्चो की कहानी है जिन्हें अक्सर दुनिया हाशिये पर छोड़ देती है। ये बच्चे सामान्य या सामान्य से भी ज्यादा बुद्धि लिए होते है, बस इनका दिमाग से काम लेने का तरीका अलग होता है। इनके लिए यही कहेंगे ;

“खो न जाइए। तारे जमीं पे”

1. Learning Disabilities Introduction by a child (English).

2. A short documentary film on Learning Disabilities (Hindi).

3. How to Recognize a Learning Disability (English).

4. Learning disabilities (Hindi).

5. Famous People with Learning Disabilities (English).

Thanks for Visiting. Share it.

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HOW ADDICTION WORKS (HINDI)

smoking-1418483_1280Hello all,

Its great pleasure to me to wright here few words for those who want to live their life with great happiness but somehow captured in dirty world of ADDICTION. There are may be a reason of non availability of true information about HOW ADDICTION WORKS?  So it is a free access this type of information in simple way. Writing focused for Indian citizens. So find useful do a share.

आप सभी addiction यानि नशे के बारे में काफी कुछ जानते होंगे लेकिन फिर भी सीमित शब्दों में कुछ ऐसी बातें लिखना चाहता हूँ, जो आज के youth के लिए बहुत जरूरी है।

Addiction या नशा दिमाग का दीमक है। चाहे छोटा हो या बड़ा ( निकोटिन यानी गुटखा, बीड़ी, सिग्रेट से लेके शराब, स्मैक, अफीम,हेरोइन, डोडा, भांग, कोकैन या MDMA, LSD आदि ) । ब्रेन पे इनका प्रभाव जिस प्रक्रिया से होता है वो यधपि एक जैसा नहीं है – स्मैक अलग method से कार्य करती है, शराब अलग तरीके से कार्य करती है ( Neurotransmitter level ) । लेकिन एक normal इंसान की जिंदगी को ये कैसे प्रभावित करते है ? इसे समझना बहुत आवश्यक है, ये प्रक्रिया जिसे मेडिकल Science “Reward System” कहती है ये हमारी जिंदगी का राज भी है।

ये राज कैसे हुआ ?? ये यूँ कि ये वो राज है जिसे अगर समझ जाये तो आपको पता चलेगा कि नशा हमें जो feeling दे सकता है, उससे कहीं ज्यादा आनंद हम ब्रेन के Reward system की Theory को समझके, उसे अपने जीवन में अमल करके ले सकते है।।

आप नशे की लत से पीड़ित व्यक्ति से ढंग से बात करके देखो, वो कुछ इस तरह कह सकते है कि साहब हमें ये क्या हो गया था कि Middle class family से होने के बावजूद भी हमने पिछले 10 सालों में लगभग 25 लाख शराब पे उड़ा दिए। इन पैसो का बहुत कुछ हो सकता था। माँ के इलाज में, बहनों की शादी में, घर बनाने में एवं ओर भी बहुत कुछ । अब खुद परेशान हूँ, मुझे Guilt होती है, मैं आजाद नहीं हूँ, मैं नशे का गुलाम हूँ और इससे बाहर निकलने की जंग में लगभग अकेला हूँ।।

इसे समझना ही राज है …आओ थोडा दिमाग लगाते है…..

human-1177413_1280          दोस्तों जितना बड़ा संसार आप बाहर देख रहे हो, उससे हीं ज्यादा बड़ा संसार आपके दिमाग (brain) में है। किसी कंप्यूटर के प्रोसेसर की तरह आपका ब्रेन हर वक्त कार्य करता है। आपके सोच – विचार , भावनायें और व्यवहार इसी पे निर्भर है। इसे थोड़ा विस्तार से समझे तो बुद्धि एवं मन (mind) में विभाजित किया जा सकता है। ये दोनों ( बुद्धि & मन ) एक दूसरे के पूरक है।

हमारा मन जिसे मेडिकल साइंस में Limbic system से समझाया जाता है। उसमें एक सेंटर होता है जिसे न्यूक्लियस accumbens कहते है। ये हमारी ख़ुशी, आनंद का आधार होता है। जब एक पिता अपने बच्चों के लिए 1 kg फल लेके आता है तो उसे जो ख़ुशी, जो feeling मिलती है वो यही Centre करवाता है। ये तो सिर्फ एक उदाहरण है ऐसे हजारो कार्य है जो हम सिर्फ इसलिए करते है कि ये सेंटर Activate हो और हमें आनंद की अनुभूति हो।

जैसे खाना, खेलना, मूवी देखना, डांस करना, दोस्त के साथ बातें करना यानी आपको जिस कार्य को करने के दौरान ख़ुशी या euphoria जैसा अहसास हो, समझ जाओ ये सेंटर आपके ब्रेन में Dopamine नामक रसायन ( Neurotransmitter ) से आपकी जिंदगी को खुशनुमा बना रहा है।।brain-954821_1280

अब बात करते है ये नशे कैसे कार्य करते है ??

ये नशे Direct हिट करते है इस सेंटर – “Nucleus Accumbens” को। प्रकृति ने खुशियों के लिए दिमाग में जो सर्किट बनाये। नशा इन्हें बाईपास करता है एवं बिना किसी वजह के Directly अपना प्रभाव दिखाके, इसे एक्टिवेट करता है। आसान भाषा में- गाँव में जब गाय या भैंस oxytocin हॉरमोन की कमी से दूध देना बंद कर देती है तो किसान Directly oxytocin हॉरमोन का injection लगाके दूध निकाल लेता है। यहाँ पे भी ठीक इसी तरह नशा इस center को डाइरैक्ट हिट कर dopamine release करवा, इंसान को आनंद, खुशी या रिवार्ड का अहसास करवाता है – यही Reward System का Bypass है।

यानी जो ख़ुशी किसी इंसान को घर में 2 kg सब्जी लाने से होती थी। आज वही या उससे ज्यादा ख़ुशी उसे एक शराब की बोटल लाने से होने लग गयी ओर सब्जी लाना एक बेवकूफी का सा काम लगने लगा।

उसके दिमाग के वो सारे सर्किट नैचुरल खुशी से संबन्धित थे, धीरे – धीरे नकारा होते जायेंगे और एक टाइम ऐसा आ जाता है कि घर, परिवार, बीवी, बच्चे, रिश्तेदार सब उसके लिए पराये से हो जाते है – प्यार रहता है तो एकमात्र नशे से, उसकी जिंदगी का एकमात्र यही सहारा रह जाता है। इसे मेडिकल Science – Drug Addiction कहती है एवं इसे एक बीमारी के तौर पे ठीक किया जाता है।

हाँ उसे अपनी इस स्थिति का अहसास होता है। उसे ये पता रहता है कि मैं जिस रस्ते पे चल रहा हूँ वो गलत है, मैं जो व्यवहार कर रहा हूँ वो गलत है। लेकिन ये उसकी मजबूरी हो जाती है जैसे किसी TB के मरीज को खाँसना एक मजबूरी है, ठीक वैसे ही।।

यहाँ पे एक सवाल – क्या इसे TB की तरह एक बीमारी माना जाना चाहिए ?   आप सोचिएगा !!

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आखिर एक संदेश :-

दोस्तो नशे पे अगर गहन स्तर पे सोचा जाए तो इसकी जड़ Reward System से जुड़ी है, एक इंसान अपने दोस्तों के साथ बिना किसी नशे के अपनी लाइफ enjoy करता है, वहीं दूसरी ओर एक को enjoy के लिए शराब का सहारा लेना पड़ता है, अगर ये सहारा ना हो तो कुछ कमी लगती है।

अतः आज आने वाली पीढ़ी को, खासकर कॉलेज, स्कूल्स के स्टूडेंट्स को एक special ट्रेनिंग की आवश्यकता है जो उन्हे बिना नशे के अपनी लाइफ की खुशियों को celebrate करना सीखाये।

इसके लिए सर्वप्रथम Parents को आगे आना चाहिए और स्कूल एवं कॉलेज स्तर पे ऐसे प्रोग्राम शुरू करवाने चाहिए।।

Dowload pdf file of Intro of Addiction

धन्यवाद।।

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Video Post: Inspirational Success Story of HONDA & Mcdonald’S.

Hello friends,

These are 2 highly motivated stories of great success personalities.  Find out the secrets behind their success, so do watch these…..

1. THREE REASONS ? HONDA की INSPIRATIONAL SUCCESS STORY ( WORLD’S LARGEST )

2. Mcdonald’S Success Story In Hindi | Ray Kroc Biography | Inspirational & Motivational Video

THANKS A LOT. SHARE IT IF FIND IT USEFUL.

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Inspirational Story of Michael Jordan in Hindi | कैसे मिडल class family का लड़का billionaire बना

Friends, this is a truly inspirational story of a middle class boy who become a billionaire by improving his own value. So keep reading with positive emotions. आज हम उस person की बात करेंगे जो गरीब family से थे लेकिन इन्होने अपनी काबिलियत से सबको लोहा मनवा लिया । ये ओर कोइ नही MICHAEL JORDAN है। Michael Jordan जिनका जन्म 17 February 1963 में Brooklyn, new York सिटी में हुआ था यह झोपड़-पट्टी मै बड़े हुए थे । माइकल आशा करते थे कि उनका जीवन अच्छा हो ।

जब माइकल जॉर्डन 13 साल के हुए तो उनके पापा ने उन्हें use किया हुआ कपड़ा दिया और पूछा की इसकी कीमत कितनी हो सकती है ? तो Michael ने बोला की ये होगा बस 1 डॉलर का, तो उनके पिता ने माइकल से कहा की इसको बेचकर 2 dollar लेकर आ ।

Michael Jordan ने उस कपड़े को अच्छे से धोया, फोल्ड करा, उस टाइम उनके पास इस्त्री तो थी नही तो उन्होंने उस कपड़े को किसी कपड़ो के ढेर के निचे अच्छे से रखा, अब जब कपड़ा सुख चूका था तो अगले दिन ट्रेन स्टेशन के पास गया 6 घण्टे की मेहनत के बाद माइकल को उस कपड़े के 2$ मिले ।

खुशी से घर आया , अब रोज यही सब करता रहा 10 दिन बाद उनके पिता ने माइकल से कहा की इस कपड़े को 20$ में बेचकर दिखा, Michael ने कहा ये कैसे हो सकता है,  इसके 20 dollar कौन देगा, पापा ने कहा try तो कर, अब माइकल ने एक तरकीब सोची , उन्होने अपने दोस्त की मदद ली ओर उस कपड़े पर Mickey Mouse की पेंटिंग बनवाई फिर अमीर बच्चो के स्कूल पहुच गया, एक छोटे से बचे ने इसे पसंद किया और उससे खरीद लिया साथ ही 5$ उसको extra टिप भी दी total 25$ मतलब Michael के पिता की 1 महीने की सैलरी जितना ।

जब माइकल वापस आया तो उसके पापा ने तुरंत एक और कपड़ा हाथ में दे दिया और बोला की इसे 200 डॉलर में बेच के दिखा इस बार Michael अपने पिता से कुछ नही बोला लेकिन ये सोचता रहा कि ये कैसे हो सकता है, फिर उसे ख्याल आया कि उनके सिटी में Movie शूटिंग के लिए एक पोपुलर एक्ट्रेस आई है ।  Michael security को तोड़ते हुए उस एक्ट्रेस के पास तक पहुँच गया और बोला की ऑटोग्राफ दीजिये प्लीज ।

मासूम से बच्चे को देखकर ये एक्ट्रेस मना नही कर पाई और उस एक्ट्रेस ने उस कपड़े पर ऑटोग्राफ कर दिए, उसके बाद माइकल तेज – तेज की चिल्लाने लगा की “फलां ऑटोग्राफ cloth in 200 $” वही औक्सन शुरू हो गया और फाइनली उसने उस कपड़े को 1200 dollar में एक Businessman को बेच दिया ।

आज जब Michael 1200$ लेकर अपने घर पहुँचा तो उसके पिता की खुशी का ठिकाना नही रहा , वो रो पड़े और पूछा, माइकल बेटा ये कपड़े तुम बेच रहे हो इतने दिनों से , क्या सिखा तुमने ? बेटा बोला पापा Whether there is a will there is a way (जहा पर सोच होती है रास्ता अपने आप आ जाता है) पिता ने अपना सर हिलाते हुए कहा कि बिलकुल सही हो लेकिन मेरा लक्ष्य कुछ ओर है।  में तुम्हे बस यही दिखाना चाहता था कि जो कपड़े का टुकड़ा सिर्फ 1$ का था लेकिन अगर हम चाहे तो उसकी कीमत बढा सकते है तो हम हमारी कीमत क्यों नही बढा सकते । हम तो इंसान है सोच सकते है विचार कर सकते है यानि कुछ भी कर सकते है ।

शायद इन्ही शब्दों की वजह से basketball players में से एक सबसे बड़ा नाम बना Michael Jordan है ।

“Michael Jordan is a first athlete in a history to become a billionaire”.

If you like this Post. Do a Share……. Thanks.

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What is An Entrepreneur ?

Hi friends,

After long time we are posting here. Today it is about entrepreneur & Startups. These are 3 videos which explain it very well. So do watch these……

All the best.

1. What is An Entrepreneur? – [Hindi] 

2. The 15 Characteristics of Effective Entrepreneurs [ENG]

3. Who is an ENTREPRENEUR ? – AN Energetic Video [HINDI]

IF YOU FIND THIS PAGE USEFUL , SHARE IT…… THANKS.

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VIDEOS REVIEW: How to read fast ?

Hello, In this post we are Embed few videos  which is actually give you ideas about our faulty habits of reading slow & how we overcome it.

These videos give you tips for reading fast & get maximum output from whole context.

  • It’s a common thing that only reading of a book can give you a significant information that can be used for built a high level concept on important topic of subject so it can help in exams or in your general knowledge.
  • More wisdom you gain ,more you will become successful.  By gaining so much knowledge from books in a short amount of time.
  • So there are the techniques to improve your reading skill is ……..

  1. Think about digging this gold.
  2. Every book has two three golden nugget sound which book is based.
  3. Don’t think that you have to read from start to finish.
  4. First go through the index.
  5. Read the front and the back covers, get an idea of what the book is about.
  6. think about what you already agree with, and what you don’t agree with.
  7. Pay attention to those parts that you didn’t know about and what you didn’t agree with.
  8. Use bolded parts, and summaries at the end of the book.
  9. You can also watch these book summaries before reading the book, so that you know what to look for.
  10. You can find many audiobooks Online. Listen to them at 2 times the speed.

……… Now here one more ;

& This is also having some complex but important concept on it…..

& Here is a psychology part on this issue….

So What’s your plan.

  • How fast you can read can determine a lot of things in your life.
  • Bill Gates and Warren Buffett both have said that there is superpower would be reading faster.
  • These may be of self help books or our text books.
  • Lot of people want to know “The Secret of fast reading” specially students.

So if you thought that this post worth sharing with others. Do it now.

Thanks a lot.

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ROLE OF PSYCHOLOGY FOR HUMAN MIND.

Mindbook के name से आप सभी को एक बात तो समझ में आ गयी होगी कि हम यहाँ Mind यानि “मन” के बारे में बात करेंगे। लेकिन यह जानना भी काफी important है कि इन सभी के लिए हमारा source of information क्या है ?

हम इस वेबसाइट पे जितने भी issue कवर करेंगे उनमें से काफी में Psychology का योगदान रहेगा। अतः एक छोटा सा introduction तो बनता ही है ।

By Simplest Definition “Psychology” is “Study of human behavior & their mental process”.

हम इस संसार में जो कुछ भी करते है, चाहे वो व्यवहार हो या हमारा experience, उन सब की वजह brain से निकलकर आती है। Brain में कुछ process चलते है, भले ही वो thinking से related हो या memory से या ऒर कुछ लेकिन कहा जाता है कि brain में कोई molecule जिस अंदाज में twist करता है, उस इंसान का behaviour भी उसी के अनुरूप होता है।

Brain एक बहुत बड़ी term है ये उसी प्रकार से समझा जा सकता है जैसे कोई कंप्यूटर Hardware & Software, दोनों को मिलाकर Complete होता है। Brain के Hardware के पार्ट को सामान्यतया “Neurology” cover करती है।

& Software यानि हमारी feelings, mood state or emotions, thinking, perception, memory, judgement, motivation, decision making etc इन सबको किसी Computer के Operating System की software की तरह physical form में तो नहीं देखा जा सकता लेकिन हमारी जिंदगी के हर एक experience के पीछे इसी Operating System का योगदान है।

इस सिस्टम को Psychiatry & Psychology से समझा जा सकता है। दोनों name इसलिए लिखा है क्योंकि Psychiatry, Neurotransmitter के level पे work करती है। हर एक Experience का Molecular basis खोजने की कोशिश करती है।

जबकि Psychology, Behaviour पर ज्यादा focused रहती है, लेकिन जरूरत के अनुसार ये भी mental process से correlate करती रहती है।

तो कुल मिलाकर बात यही है कि आप जिसे Mind कहते हो, इनके बारे में लगभग “राज” Science की ये दो branch (Psychiatry & Psychology) हमारे सामने रखने में सक्षम है। अधिक जानकारी के लिए आप ये Video भी देख सकते हो।

So What is Psychology ?

  • Human Mind के experiences लिए Psychology एक broad range रखती है।
  • ये Cover करती है – Learning and Memory ; Sensation and perception ;
  • Motivation and emotion ; Thinking and language ;
  • Personality and social behavior ; Intelligence ;
  • Child development & ओर भी बहुत कुछ।

Psychology हमारे सोचने- समझने के pattern की study करती है, जिसका उपयोग हमारी विभिन प्रकार की problems को समझने & उन्हें solve करने में किया जाता है।

अतः Mind को समझने के लिए & इसी लाइफ को Great Life बनाने के लिए हमें बहुत कुछ जानना पड़ेगा, साइकोलॉजी उन्हीं में से एक है।

धन्यवाद।।

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