अम्बेडकर जयंती (2018) पर युवाओं के नाम संदेश एवं मेडिकोज के द्वारा समाज के लिए किए गए कार्य का सक्षिप्त विवरण।।

मेरे देश के 55 करोड़ युवाओ!!

क्या हाल है आपका? ये संदेश सिर्फ आपही के लिए है। क्योंकि आपही की वजह से आज दुनिया भारत की चर्चा कर रही है। UNO इंडिया को जवान देश सिर्फ आपही की वजह से कह रहा है। आपही यहाँ की प्रजा हो और आपही यहाँ के राजा, लेकिन सबसे बड़ी बात यकीन कीजिये आप का भविष्य ही भारत का भविष्य है।👍
अभी कुछ समय पहले मेरे मन में एक सवाल आया, अगर बाबा साहेब होते तो वो आपको क्या संदेश देते, क्या वो ये कहते कि आप हाथ में डंडा लेके अपने ही देश की प्रॉपर्टी को तबाह करो, या वो ये कहते कि ऐसी विचारधारा अपने दिमाग में रखो जो इस देश में नफरत पैदा करे, इस देश को बाँटे और एक इंसान ही इंसान का दुश्मन बनें।

【इस पोस्ट को आप इस वीडियो से भी पढ़ या समझ सकते हो।】

आज देश में हजारों संगठन है, लाखों विचारधारा है, रोज आपके मोबाइल में हर तरह के संदेश आते है। आपका कंफ्यूज होना लाजमी है कि आखिर क्या करें? हम और हमारे देश के लिए क्या बेहतर है।

मैंने ये सवाल बुद्धिजीवियों से पूछा, बाबा साहेब को जितना जाना है उस नजरिये से सोचके देखा और आपके सामने रख रहा हूँ।
सबसे बड़ा सूत्र आप सब को पता है। ये है शिक्षित बनों, संगठित रहो और संघर्ष करो।।
आओ इसपे थोड़ा सा गौर करें, बाबा साहेब कह रहे है, हे युवाओं, आप सभी का शिक्षित होना बहुत जरूरी है। ये मत भूलो कि जिंदगी का सिर्फ यही वो समय है जब आपकी बॉडी और ब्रेन कुछ भी सीखने को तैयार है। बाबा साहेब की जीवनी देखो लोगों ने उन्हें बहुत जिज्ञासु माना है, आप भी अपनी जिज्ञासा की शक्ति को शिक्षा में झोंक दो।
अब छोटा सा सवाल? क्या सीखें।
दुनिया के हर एक काम इंसानों के जीवन आसान करने से जुड़े है। आप अपने पैशन को ढूंढो, और जुट जाओ उसे अपना प्रोफेशन बनाने में, प्रोफेशन यानी आप उससे लोगों की समस्याएं सॉल्व करो या उनमें सुधार लाओ।
जी हाँ, इन्हीं कार्यो के बदले लोग आपको आर्थिक मजबूती देंगे। आप जितने ज्यादा शिक्षित होंगे, यूँ कहें कि स्किल develop कर पाओगे। आप उतने ही ज्यादा आर्थिक रूप से आजाद हो पाओगे।
याद रहे आपकी आर्थिक आजादी ही आपको ताकतवर बनाएगी, समाज में व्याप्त बुराईयों से लड़ने को, बाबा साहेब के सपनो का भारत बनाने को, मॉडर्न इंडिया बनाने को।

हे युवाओं, अगर आप का भविष्य आर्थिक आजाद होगा तभी ये देश आर्थिक आजाद हो पायेगा। इस दुनिया में आप जो मर्जी सीखने का सोचो उसके संसाधन मौजूद है, इंटरनेट उनमें से एक है। आज Globalization का युग है, धरती पे मौजूद कोई भी व्यक्ति आपको सीखा सकता है, अगर आपमें सीखने की प्रबल इच्छा हो तो।
कहने का मतलब आप तार्किक बनो, यही वो उम्र है, अपनी पूरी एनर्जी इसमें ही लगाओ, संविधान आपके साथ है।

बाबा साहेब आज होते तो उन्हें इस बात का सबसे ज्यादा दुःख होता कि आज भी जाति और धर्म के नाम पर आपके दिमाग में नफरत का बीज बो रहे है।
जिन बुराईयों को खत्म करने के लिए बाबा साहेब ने अपना जीवन लगाया, आप फिर से उन्ही बुराईयों के शिकार हो रहे हो।
आप अपने मोबाइल का ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट करते हो ना, ये जाति और धर्म का सिस्टम बहुत पुराना है जिसमें अपडेट करने का कोई ऑप्शन नहीं है। ये 21 वी सदी है, हॉस्पिटल में खून की बोतल को कोई नहीं पूछता जाति क्या है और धर्म क्या है। आप भी उस बोतल की तरह बनों, अपने आपको स्किल से भर दो। यकीन कीजिये आपको हर कोई गले लगायेगा।
आज से ये पुराना सिस्टम भूल जाओ, इंसानों के द्वारा बनाया सिस्टम लेके आओ। संविधान को पढ़ो। हमारे महापुरुषों, देशप्रेमियों को पढ़ो, उन महान वैज्ञानिकों को पढ़ो, जिन्होंने हमारी लाइफ में चेंज के लिए अपनी जिंदगी के कई साल खपाये और खपा रहे है, अपने गुरुओं की दिल से इज्जत करो कि वो आपको आगे बढ़ाने को मजबूर हो जाये। इस दुनिया में ऐसे बहुत से इंसान है जो जीरो से हीरो बने, आप उस इंसान को भी ढूंढो जो सिर्फ अपनी जिज्ञासा के दम पे बिना किसी कॉलेज गए, किताबों को पढ़कर रॉकेट बनाने सीख गया और मंगल ग्रह पे रॉकेट भेज भी दिया (ढूंढ न पाओ तो मुझसे पूछ लेना)।
इसलिए आपकी समस्या बहुत आसान है एवं अगर ये मुश्किल भी है तो भी अगर आप खोजोगे तो ऐसा कोई तरीका मिल ही जायेगा जो इसे आसान करें।

इसलिए जुट जाओ, अपने लिए, अपने परिवार के लिए, अपने महापुरुषों के लिए, अपने संविधान के लिए, अपने देश के लिए और सबसे बड़ी बात इस मानवता के लिए।

क्योंकि आज आप जुट गए तभी आप आगे कुछ कर पाओगे। आपकी आज की शिक्षा ही समाज में व्याप्त बुराईयों को खत्म करने के लिए ताकत साबित होगी।

आपके सामने एक लाइव example रखता हूँ।
ये है दहेज प्रथा पे राजस्थान के मेडिको स्टूडेंट्स यानी UG और रेसिडेंट डॉक्टर्स का स्टैंड।
पिछली अम्बेडकर जयंती यानी 2017 से 2 month पहले, राजस्थान के सभी मेडिको गर्ल्स में एक ऑनलाइन सर्वे करना शुरू किया गया कि कितनी मेडिको गर्ल्स ये चाहती है कि हमारे समाज में दहेज प्रथा बंद हो, womens education पे ही खर्च हो जिससे womens empowernment बढ़े और इसकी शुरुआत हम मेडिको खुद से करें।
सिर्फ तीन सवालों के साथ किया गया ये सर्वे चोंकाने वाले रिजल्ट लेके आया जिसे मेडिकल कॉलेज के अम्बेडकर जयंती समारोह में दिखाया भी गया।
ये रिजल्ट थे – 92 % लड़कियों ने अपना पूर्ण समर्थन दिया।

इस रिजल्ट आने के बाद और social मीडिया से मेडिकोज के पास भिजवाया गया तो ऐसे बहुत से मेडिको बॉयज और गर्ल्स आगे आये और इस मुहिम को आगे बढ़ाया। इन्होंने अपने घर पे बात की कि ऐसा करना है तो उधर से भी काफी लोगों का पॉजिटिव responce आया।
फिर सबसे बड़ी समस्या कि लाइफ पार्टनर कैसे ढूंढे कि मियाँ बीवी राजी तो क्या करेगा काजी, तो हमनें अपना खुद का Social प्लेटफार्म बना लिया है। इस में वो सब खूबियां है जिनकी हमें जरूरत थी।
इस बार ऑनलाइन सर्वे किया गया, लेकिन अब बॉयज और गर्ल्स दोनों में जिसके results आपके सामने है।

मैं भारत के आम नागरिक से कहना चाहता हूँ कि
आज राजस्थान के 65 % मेडिकोज हमारे साथ है। आज राजस्थान के कम से कम 500 डॉक्टर्स किसी भी समय किसी भी लड़की के साथ इस बात के लिए खड़े है कि उसे दहेज की नहीं केवल शिक्षा की जरूरत है। आज हमारे पास बहुत से डॉक्टर्स की रियल लाइफ स्टोरी है जिन्होंने दहेज बिल्कुल भी नहीं लिया।
इसलिए इस सभी डॉक्टर्स, रेसिडेंट्स और ug मेडिकोज का तहेदिल से धन्यवाद। आज हम किसी गरीब बाप की आँख में आंख डालकर ये बोल सकते है कि आप अपनी बेटी को पढ़ाइये, दहेज के झंझट को हम मिटा देंगे।

यधपि ये सब बातें आगामी कुछ महीनों बाद ही हम जनता तक लेके जा पाएंगे जिससे उनमें भी बदलाव होगा और इस मुहिम की प्रोग्रेस रिपोर्ट नेक्स्ट अम्बेडकर जयंती पे आपके सामने इसी माध्यम यानी वीडियो से आ जायेगी, इंतजार कीजियेगा।

देश के आम युवाओं से सिर्फ इतना कहना;
ये लोग यानी मेडिकोज ऐसा क्यों कर पा रहे है। क्योंकि ये सक्षम है, ये अपने पैरों पे खड़े है। ये लाइफ सेविंग स्किल सीखते है। हम इंसानियत को बेहतर करते है। तभी जनता इन्हें सलाम करती है, इन्हें फॉलो करती है।
खुद का Social प्लेटफार्म बनाना यानी एक वेबसाइट से 5 या 6 गुणा ज्यादा कॉम्प्लेक्स …. जिसे हमने सिर्फ गूगल से सीखा।

इसलिए जिओ, लेकिन बड़ी सोच, बड़े विज़न और बड़े सपनों के साथ जिओ। छोटी सोच को छोड़ दो, इससे आजाद हो जाओ और अपने आपको उस खून की बोतल की तरह बनाओ।।

जय भीम, जय भारत, जय संविधान।।💐💐💐

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